मधुमेह टाइप २ किसे होता है – Sugar Kyo Hotee Hai?

मधुमेह टाइप २ किसे होता है  – Sugar Kyo Hotee Hai?

मधुमेह टाइप २ किसे होता है ये एक ऐसा प्रश्न है जिसका जवाब सरल नहीं। एक या बहुत से कारन मिला कर शुगर हो सकती है.

एक दशक पहले मधुमेह अमीरो की बीमारी मानी जाती थी. मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग कभी ये पूछता हुआ नहीं पाया जाता था की मधुमेह टाइप २ किसे होता है.

पर एक दो दशकों में ही पुरा सीन ही बदल गया. आजकल ये मिडिल क्लास के साथ साथ लोअर मिडिल क्लास में भी पेयी जाती है.

आईये हम उन करने को जानते है जो किसी को भी डायबिटिक बना सकता है

मधुमेह के प्रकार

मधुमेह दो प्रकार के होते है.

एक होता है टाइप १ डायबिटिक या IDDM या इन्सुलिन डिपेंडेंट डायबिटिक मालिटस और दूसरा होता है मधुमेह टाइप २ NIDDM या नॉन इन्सुलिन डिपेंडेंट डायबिटिक मेलिटस।

दोनों में बहुत फर्क है.

मधुमेह टाइप १ अनुवांशिक या जन्मजात हो सकती है. कुछ लोगो को ये जीवन में कुछ सालो बाद होती है. इसमें शरीर में इन्सुलिन नहीं बनता। और इसलिए व्यक्ति को इन्सुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते है.

मधुमेह टाइप २ में इंसान के शरीर में इन्सुलिन के प्रति रेजिस्टेंस या प्रतिरोड के चलते ये बीमारी होती है.

जैसा आप समाज सकते है की दोनों में बहुत फरक है. पर दोनों में शरीर में शक्कर या ग्लूकोस की मात्रा बढ़ जाती है.

आखिर डायबिटीज टाइप २ में इन्सुलिन के प्रति प्रतिरोध क्यों आता है.

और मधुमेह टाइप २ क्यों होता है?

इन्सुलिन एक ऐसा हॉर्मोन है जो शरीर में मौजूद ग्लूकोस को ऊर्जा में बदलने में मदत करता है. ये कोशिकाओं के साथ मिल कर रक्त में प्रवाहित शुगर या ग्लूकोस को ऊर्जा में बदलता है.

जब हम कुछ कहते है तो वो खाना शरीर में विघटित हो कर ग्लूकोस देता है.

अब समस्या ये है की अगर ये शुगर बार बार बढ़े तो शरीर इन्सुलिन भी बार बार उत्पन्न करता है शुगर को ऊर्जा में बदलने के लिए. पर कोशिकाओं को ये इन्सुलिन जब बार बार लगता है तब कोशिकाओं में इन्सुलिन के प्रति प्रतिरोध उत्पन्न होने लगता है.

अगर स्थिति नहीं बदली तो ये प्रतिरोध या रेजिस्टेंस बहुत बढ़ जाता है. तो उतने ही ग्लूकोस को ऊर्जा में बदलने के लिए शरीर और अधिक इन्सुलिन बनाने लगता है.

ये चक्र ऐसा ही चलता रहटा है. जितना इन्सुलिन ज्यादा होगा उतना प्रतिरोध कोशिकाओं की तरफ से उत्पन्न होता जायेगा।

ये एक दिन या एक महीने में नहीं होता। कई वर्षो में ऐसा होता है.

तो फिर मधुमेह टाइप २ किसे हो सकता है?

नीचे दिए गए करने में से आपके जीवन में एक भी कारन मौजूद है तो आपको मधुमेह टाइप २ हो सकता है या होने की सम्भावना बढ़ जाती है.

१- वजन अधिक होना

२- तोंद या पेट के आस पास चर्बी अधिक होना।

३- अनुवांशिक कारन – आपके परिवार में किसी को डायबिटीज है तो आपको अतिरिक्त ध्यान रखना पड़ेगा

४- गर्भावस्था में हार्मोनल चंगेस की वजह से भी कुछ समय के लिए मधुमेह टाइप २ हो सकता है.

५- जेनेटिक म्युटेशन के कारन भी ये हो सकता है. किसी व्यक्ति में किसी कारन से कुछ गेन्स में अगर बदलाव आ जाये तो भी ये बीमारी हो सकती है. वैसे ये कारन बहुत ही असामान्य है.

६- सिस्टिक फाइब्रोसिस से भी पैन्क्रीआज के इन्सुलिन बनाने की क्षमता में गिरावट आती है. इसमें हालाँकि इन्सुलिन रेजिस्टेंस नहीं होता। परन्तु शुगर लेवल बढ़ता है.

७- पेंक्रिआज के ऑपरेशन या बीमारी की वजह से भी टाइप २ मधुमेह हो सकता है.

मधुमेह टाइप २ से कैसे बचे?

मधुमेह से बचने के लिए अपने जीवन शैली में आमूलचूल परिवर्तन करना पड़ेगा। फ़ास्ट फ़ूड इत्यादि से दूर रहे. तनाव से दूर रहे और व्यायाम और शारीरिक म्हणत करते रहे.

साथ ही मधुमेह टाइप २ के लक्षण पर ध्यान दे. अगर कोई भी एक या बहुत से लक्षण दिख रहे हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले.

Image by Steve Buissinne from Pixabay

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