मधुमेह टाइप २ से होने वाले नुकसान – damages due to diabetes

मधुमेह टाइप २ से होने वाले नुकसान – damages due to diabetes

मधुमेह टाइप २ से होने वाले नुक्सान काफी गंभीर हो सकते है. यहाँ तक की इससे ऑर्गन फैलियर या अंततोगत्वा मृत्यु भी हो सकती है.

मधुमेह एक आम बीमारी बनता जा रहा है. आप अपने सर्किल में बहुत से ऐसे लोगो को जानते होंगे जो मधुमेह टाइप २ से ग्रस्त है.

बहुत से लोग आजकल बहुत कम उम्र में ही मधुमेह टाइप २ से ग्रस्त हो जाते है.

आखिर ऐसा होता क्यों है?

कुछ सालो पहले तो ऐसा नहीं होता था.

भारत जैसा देश जो ह्यूमन इंडेक्स में जो एक समय काफी पीछे था उसमे विकास की वजह से बहुत बड़े चेंजेस आ गए है. पहले व्यक्ति महीने दो महीने में होटल में जा कर खाना खाने को शान समझता था. पर होम डेलिवरी की वजह से घरो में आये दिन बहार का खाना आता है.

साथ ही फ़ास्ट फ़ूड, जो कुछ सालो पहले तक हम जानते भी नहीं थे, आजकल रोज खाना सामान्य हो गया है. और मधुमेह टाइप २ से होने वाले नुकसान की लिस्ट लम्बी होती चली जाती है.

और इस फ़ास्ट फ़ूड और उल्टा पुल्टा खाने के साथ साथ दो और फैक्टर्स हमारे जीवन में आ गए है. वो है तनाव और बिना शारीरिक मेहनत वाली जिंदगी।

हम शरीर से कम और दिमाग से ज्यादा मेहनत करवाते है और उसका असर हमारे सिस्टम पर पड़ता है.

पर मधुमेह इतना घातक क्यों है?

मधुमेह टाइप २ से होने वाले नुकसान क्या है ?

मधुमेह सिर्फ आपके शरीर में शक्कर नहीं बढ़ता। बल्कि आपके दिल, गुर्दे और दूसरे ऑर्गन्स को भी नुक्सान पहुंचता है. ब्लड प्रेशर जैसे ही ये भी एक साइलेंट किलर है. आपको पता भी नहीं चलता और शरीर अंदर से खोखला हो जाता है.

आईये समझते है मधुमेह टाइप २ से होने वाले नुक्सान क्या है.

१- अंधत्व

इसका सबसे बड़ा नुक्सान जो किसी व्यक्ति को पंगु बना सकता है वो है अंधत्व। डायबिटिक रेटिनोपैथी (diabetic retinopathy) एक न ठीक होने वाली समस्या है जो डायबिटीज पर सही ध्यान नहीं देने से हो सकती है.

जैसा आपको मालूम ही होगा आपकी आँखों में पीछे की तरफ एक पर्दा होता है. आपके आँखों के लेंस से देखी गये वास्तु का चित्र उस परदे पर पड़ता है.

आँखों के परदे (रेटिना ) उस चित्र को समझ कर दिमाग तक सिग्नल पहुंचते है तो आप देख पाते है. पर डायबिटीज टाइप २ की वजह से आपके रेटिना तक जाने वाली नेर्वस या तंत्रिकाये नष्ट हो जाती है. इस प्रकार व्यक्ति अँधा हो सकता है.

साथ ही ग्लूकोमा जैसे गंभीर बीमारी की सम्भावना भी बनी रहती है.

२- तंत्रिकाओं का क्षय –

नर्व डैमेज nerve damage

मधुमेह में आपकी तंत्रिकाएं नष्ट होने लगती है. नर्व डैमेज की वजह से आपके दिल, गुर्दे इत्यादि पर बहुत बुरा असर पड़ता है. कार्डिओ वैस्कुलर समस्याओ के साथ स्ट्रोक आने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

३- पैरो में घाव होना

मधुमेह टाइप २ में पैरो में घाव

पैर हमारे शरीर का वो हिस्सा है जो सबसे ज्यादा श्रम  करते है तथा इनकी चमड़ी में सबसे ज्यादा घिसाव होता है. मधुमेह के मरीज की तंत्रिकाएं चुकी नष्ट होना शुरू हो जाती है इसलिए पेअर में हो रहे घावों का पता नहीं चलता.

साथ ही इन घावों को बढ़ने में देरी नहीं लगती। और ये घाव आपके बिना जाने धीरे धीरे बढ़ते जाते है और इनमे इन्फेक्शन हो जाता है.

इन्फेक्शन होने के बाद शुरुआत में दर्द भी महसूस नहीं होता। इसलिए स्थिति और विकत हो जाती है. यहाँ तक की कई बार पता चलने के बावजूद पैर काटना पड़ता है. सेप्टिक होने से मरीज की मृत्यु भी हो सकती है.

४- किडनी फेलियर –

डायबिटीज में तंत्रिकाओं के नष्ट होने की वजह से किडनियों पर बहुत बुरा असर होता है. ये फ़ैल हो सकती है या इनके काम में बहुत अधिक बढ़ा आ सकती है.

५- त्वचा समस्या

टाइप २ डायबिटीज या टाइप १ डायबिटीज में फंगल इन्फेक्शन बहुत आसानी से होता है. इस वजा से स्किन पर बहुत जलन और खुजली होती है. और  इस वजह से बनने वाले घाव जल्दी नहीं भरते।

दवाई लेने के बावजूद भी ये इन्फेक्शन आसानी से नहीं जाते।

६- मसूड़ों से खून आना व इन्फेक्शन होना।

डायबिटीज में ये आम बात है. मसूड़ों तक हमारी बहुत सी कोशिकाएं और तंत्रिकाएं जाती है. और जब तंत्रिकाओं में डैमेज होना शुरू होता है तो आपके मसूड़ों में से खून आना शुरू होता है.

इस वजह से इन्फेक्शन बहुत जल्दी होता है.

७- कम सुनाई देना –

कुछ डायबिटीज के मरीजों में बहरापन या कम सुनायी देने के लक्षण भी देखने को मिलते है.

७-  गैस्ट्रोपारेसिस (Gastroparesis)

यह ऐसी समस्या है जहा पर पेट से खाना अंतड़ियो में नहीं जा पाटा। इस वजह से कई गंभीर संकट पैदा होसकती है.

उपरोक्त जितने भी नुक्सान बताये गए है ये सब परमानेंट या स्थाई नुक्सान है. इनको बाद में ठीक नहीं किया जा सकता।

इसलिए मधुमेह टाइप २ के लक्षण जल्दी पहचान कर डायबिटीज का तुरंत इलाज करुणा चाहिए। अगर आप अच्छा जीवन और सही समय पर दवाइया लेते रहेंगे तो आपको ऊपर दिए गए कोई भी नुक्सान नहीं होंगे। या ऐसे नुक़्सानो की सम्भावना बहुत काम हो जाती है.

 

 

 

Image by Pamula REEVES-BARKER from Pixabay

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