सामान्य मानसून रोग और बचाव

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  • Post last modified:August 17, 2022

जबकि एक गर्म और नमी भरे दिन के बाद बारिश एक आकर्षक चीज हो सकती है; इस बात  से इनकार नहीं किया जा सकता है कि बारिश अपने साथ अनेकों बीमारियों को ला सकती है।

मानसून के दौरान हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, इससे कई मच्छर जनित और जल जनित बीमारियां होती हैं। हालांकि, हम सभी को यह समझना चाहिए कि हम सुरक्षित और संरक्षित कैसे रह  सकते हैं?

मानसून के दौरान होने वाला जलवायु परिवर्तन विभिन्न प्रकार के रोगों का कारण बनता है। बारिश के मौसम की कुछ सामान्य बीमारियाँ और स्वास्थ्य देखभाल के उपाय इस प्रकार हैं:

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सामान्य मानसून रोग

इन्फ्लुएंजा /Influenza (Common Cold ):

मानसून के दौरान आम सर्दी बहुत आम है। यह बेहद संक्रामक रोग है है क्योंकि वायरस हवा में फैलता है। यह ऊपरी श्वसन पथ, नाक और गले को प्रभावित करता है।

इन्फ्लुएंजा के लक्षण :

इन्फ्लुएंजा के लक्षणों में बहती नाक, सिरदर्द, आँखों से पानी आना , शरीर में दर्द, बुखार और गले में खराश और जलन शामिल है।

हैज़ा (Cholera ):

यह एक आम और घातक जीवाणु रोग है जो मानसून के दौरान बहुत ज्यादा फैलता है। यह दूषित भोजन और पानी के कारण होता है।

हैज़ा के लक्षण :

हैज़ा के सामान्य लक्षणों में गंभीर दस्त, उल्टी शामिल हैं जो बदले में निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन )और मांसपेशियों में ऐंठन का कारण बनते हैं। यह एक घातक  बीमारी  है और इसका इलाज जल्द से जल्द किया जाना चाहिए ।

आंत्र ज्वर /टाइफाइड  (Typhoid ):

यह एक जलजनित जीवाणु संक्रमण है जो साल्मोनेला बैक्टीरिया (salmonella bacteria) के कारण होता है। यह दूषित भोजन और पानी के सेवन के कारण होता है।

आंत्र ज्वर /टाइफाइड  (Typhoid ) के लक्षण :

टाइफाइड  के लक्षणों में तेज बुखार, पेट में तेज दर्द, सिरदर्द और उल्टी शामिल हैं।

हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A):

यह हेपेटाइटिस ए वायरस से  होने वाला एक अत्यधिक फैलने वाला यकृत (liver ) संक्रमण है। यह संक्रमण फल, सब्जियां और दूषित भोजन खाने से फैलता  है।

हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A) के लक्षण :

हेपेटाइटिस ए  के लक्षणों में यकृत (लिवर ) की सूजन, पीलिया, पेट में दर्द, भूख में कमी, मतली, बुखार, दस्त और थकान शामिल हैं।

डेंगू (Dengue):

डेंगू का बुखार एक वायरस के कारण होता है जो मच्छरों के काटने से संक्रमित होता है। इन मच्छरों को टाइगर मच्छर के रूप में जाना जाता है, क्यूंकि इनके शरीर पर काली और सफेद धारियां होती हैं।

डेंगू (Dengue) के लक्षण :

डेंगू के लक्षणों में गंभीर जोड़ और मांसपेशियों में दर्द, सूजन लिम्फ नोड्स, सिरदर्द, बुखार, चकत्ते और थकावट शामिल हैं।

मलेरिया (Malaria):

यह गंदे पानी में पनपने वाले मच्छरों की एक विशेष प्रजाति के कारण होता है। यह बीमारी मादा एनोफिलीज मच्छर द्वारा फैलती है। बारिश के मौसम में काफी स्थानों पर स्थिर हो जाता है और यह मच्छरों को प्रजनन करने और बीमारी फैलाने के लिए एक जगह प्रदान करता है।

मलेरिया (Malaria) लक्षण:

इस बीमारी की विशेषताएं बुखार, शरीर में दर्द, ठंड लगना, पीलिया, एनीमिया, गुर्दे की विफलता और पसीना हैं।

मौसमी बुखार (Viral Fever):

अचानक मौसम परिवर्तन से वायरल बुखार हो सकता है। यह अत्यधिक संक्रामक है और यह हवा और शारीरिक संपर्क के माध्यम से फैल सकता है।

मौसमी बुखार (Viral Fever) के लक्षण :

इस बीमारी के लक्षण थकान, ठंड लगना, शरीर में दर्द और बुखार है।

चिकनगुनिया (Chikungunya):

चिकनगुनिया आम तौर से कूलर, पौधों, पानी के पाइप आदि में  स्थिर पानी में पैदा हुए मच्छरों के कारण होता है। यह बीमारी एडीज एल्बोपिक्टस (Aedes Albopictus) मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर आपको रात में ही नहीं बल्कि दिन में भी काट सकता है।

चिकनगुनिया (Chikungunya) के लक्षण:

जोड़ों का दर्द और बुखार चिकनगुनिया के दो सबसे आम लक्षण हैं।

पीलिया (Jaundice):

पीलिया  की बिमारी मानसून में ज्यादातर दूषित भोजन और पानी के सेवन से होती है।

पीलिया (Jaundice) के लक्षण:

कमजोरी, पीला पेशाब, आंखों का पीला होना, उल्टी और लिवर की गड़बड़ी पीलिया के लक्षण हैं।

रोकथाम इलाज से बेहतर है, इसलिए इस मानसून के दौरान आपको कुछ कदम उठाने चाहिए

कुछ साधारण उपाए जो आपको मानसून में होने वाली बिमारियों से बचा सकते हैं:

  • सुरक्षित और साफ पानी पिएं।  उबला हुआ पानी एक बेहतरीन विकल्प है।
  • सब्जियों, फलों को पकाने से पहले साफ पानी से अच्छी तरह धो कर साफ़ कर लें।
  • ताजा पका हुआ खाना खाएं और बाहर के खाने से बचें।
  • मच्छर भगाने वाले यंत्रों का प्रयोग करें।
  • साफ और सूखे वस्त्र पहनें।
  • हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

आप भी इन आसान टिप्स का प्रयोग करके अपने आप को अपने परिवार को मानसून में होने वाली भयंकर बिमारियों से बचा सकते हैं। आप अपने अनुभव कमैंट्स में शेयर कर सकते हैं।

Image by Sasin Tipchai from Pixabay

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