मधुमेह टाइप 2 के लक्षण | Diabetes Type 2 Symptoms

मधुमेह टाइप 2 के लक्षण | Diabetes Type 2 Symptoms

मधुमेह टाइप २ के लक्षण जितनी जल्दी आप पकड़ पाएंगे उतनी जल्दी आप अपने डायबिटीज से छुटकारा पा सकते है.

छुटकारे से मेरा मतलब यहाँ डायबिटीज रेवेर्सल है.

डायबिटीज रेवेर्सल पर मैंने अलग से आर्टिकल प्रकाशित किया है आप उसको पढ़ सकते है और समाज सकते है की कैसे मधुमेह टाइप २ के लक्षण जितनी जल्दी समझेंगे उतना बेहतर है.

मधुमेह

मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो चिकित्सा के जगत के विकास के साथ साथ ही बड़ी है. या इसको यु कहे की जैसे जैसे मेडिकल साइंस का विकास हुआ वैसे वैसे लोगो में मधुमेह बढ़ा.

पर यहाँ मैं ये बिलकुल भी नहीं कह रहा की चिकित्सा जगत ने जान बूझ कर मधुमेह को बढ़ने दिया। क्योकी पिछले २० सालो से दुनिया भर में कई देश इतनी तरक्की कर गए है जितना उन्होंने पहले कभी नहीं करी.

भारत, चीन, मैक्सिको जैसे देश जो पहले विकासशील देशो की श्रेणी में आते थे या यु कही गरीब देश कहलाते थे वो आज इमर्जिंग ेकनोमिएस है.

विकास के साथ साथ यहाँ के लोगो का खान पान काफी बदल गया.

पहले जाहा अधिकतर लोग कुपोषित होते थे अब इन देशो में मोठे लोगो की संख्या बढ़ गयी है.

साथ ही बढ़े है जीवनशैली से जुडी हुई बहुत सी बीमारी के मरीज।

मधुमेह टाइप २ एक गलत जीवन शैली की वजह से होने वाली बीमारी है. ये बात अब अधिकतर डॉक्टर्स और विशेषज्ञ मानते है.

मधुमेह दो प्रकार के होते है.

मधुमेह टाइप १

मधुमेह टाइप १ में इंजेक्शन ये अनुवांशिक या जन्मजात बीमारी होती है. कभी कभी ये जन्म के बाद लोगो में हो जाती है. इसको एक ऑटो इम्यून डिसऑर्डर भी कहा जाता है.

इसमें शरीर इन्सुलिन नहीं बना पता. उस वजह से व्यक्ति को इन्सुलिन के इंजेक्शंस या पैचेज का इस्तेमाल करना पड़ता है.

इसका अभी तक विज्ञान जगत में कोई इलाज नहीं मिल पाया।

मधुमेह टाइप २

यह दूसरे प्रकार का मधुमेह होता है. इसमें शरीर में इन्सुलिन तो बनता है पर शरीर में इन्सुलीन के प्रति रेजिस्टेंस या प्रतिरोध उत्पन्न हो जाता है. इसकी को इन्सुलिन रेजिस्टेंस कहते है.

मधुमेह टाइप २ में इन्सुलिन प्रतिरोध

diabetes type 2 can be reversed

अगर आप मधुमेह टाइप २ के लक्षण समझेंगे तो आप समझ जायेंगे की सारा खेल इन्सुलिन प्रतिरोध का ही है.

आखिर ये इन्सुलिन प्रतिरोध या insulin resistance शरीर में आता क्यों है?

इसकी क्रोनोलोजी समझना बहुत जरूरी है.

शरीर में अचानक एक दिन में इन्सुलिन के प्रति प्रतिरोध उत्पन्न नहीं होता। ये समय के साथ धीरे धीरे बढ़ता है.

इसलिए इसको  Harvard Medical School इसको एक धीरे धीरे उम्र भर विक्सित होने वाली बीमारी कहता था. अमेरिकन डायबिटिक एसोसिएशन भी ऐसा ही मानती थी. उनके हिसाब से ये एक प्रोग्रेसिव डिसीस है. [स्रोत]

पर हाल के कुछ वर्षो के गहन शोध और अनुसंधानों से ये बात स्पष्ट हो गयी है की ये प्रोग्रेसिव नहीं है. बशर्ते इसको सही समय पर रिवर्स करने की प्रक्रिया आप शुरू कर दे. आसान शब्दों में आप कुछ स्टेप्स ले कर डायबिटीज टाइप को रिवर्स कर सकते है.

पर रिवर्स करने के पहले डायबिटीज टाइप २ के लक्षण जानना बहुत जरूरी है.

डायबिटीज टाइप २ के लक्षण जो साफ़ साफ़ देखे जा सकते है

१- बार बार पेशाब आना

२- बहुत अधिक थकावट रहना

३- आँखों का धुंदलापन या रौशनी कमजोर होना।

४- हमेशा भूख लगना

५- घावों का देर से भरना

६- हाथो व् पैरो का सुन्न होना या झुनझुनी आना और कभी कभी दर्द होना।

७- चमड़ी पर काले चट्टे उभारना

८- बार बार स्किन इन्फेक्शन होना

९- मसूड़ों में खून आना

११- अचानक बिना कारन वजन घटना

१२ – त्वचा का सूखना और खुजली जलन.

एक बात मैं यहाँ स्पष्ट कर दू की ये लक्षण अन्य करने से भी हो सकते है. इसलिए डॉक्टर से परामर्श जरूर करे.

जैसा मैंने ऊपर बताया की डायबिटीज टाइप २ के लक्षण जितनी जल्दी आप पहचान लेंगे उतना अच्छा होगा। डायबिटीज से शरीर को बहुत ज्यादा और गंभीर नुक्सान होते है. ये आपके अंगो को खराब कर सकता है.

यहाँ तक की लोगो की ऑर्गन फेलियर से मृत्यु भी हो जाती है क्योकी उन्होंने डायबिटीज या मधुमेह का सही समय पर इलाज नहीं लिया।

मधुमेह होने के करने पर आपको ध्यान जरूर देना चाहिए। क्योकी मधुमेह टाइप २ एक जीवन शैली, खान पान और आरामदायक रहनसहन की वजह से होने वाली बीमारी है.

और अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए आर्टिकल्स को पढ़े.

Image by Tesa Robbins from Pixabay

Leave a Reply