जायफल (nutmeg) के 8 आश्चर्यजनक लाभ जो आप शायद नहीं जानते होंगे? Benefits of Nutmeg in Hindi

यदि खाने की बात करें , तो भारतीय व्यंजन के स्वाद का मुकाबला मेरे ख्याल से कोई नहीं कर सकता । तरह-तरह के मसाले, जो न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता  हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता हैं। उन्हीं मसालों में से एक है “जायफल”। लगभग सभी रसोई में पाया जाने वाला ये मसाला न सिर्फ खाने को स्वादिष्ट बनाता है बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर है। जायफल के इस लेख में हम आपको जायफल (nutmeg) के आश्चर्यजनक लाभ के बारे में जानकारी देने वाले हैं। यहां आप वैज्ञानिक प्रमाण सहीत जायफल (nutmeg) के आश्चर्यजनक लाभ  जान पाएंगे । साथ ही साथ इस लेख में जायफल का उपयोग करने का तरीका भी आपको बताया जाएगा ।

1. इन्सोमनिया (नींद ना आने) के लिए

 इन्सोमनिया अनिद्रा मतलब की रात को नींद न आने की बीमारी होती है। पूरे दिन काम और घर और बाहर की चीजों के वजह से तनाव का समस्या होने लगता है और उसका नतीजा ये होता है की आपको नींद ना आने का बीमारी पकड़ लेता है । ऐसे में जायफल का सेवन काफी लाभकारी हो सकता है।

Snapin Nutmeg Powder, 50g

Snapin Nutmeg Powder, 50g

from Rs. 99
SAARA Jathikai Powder | Nutmeg Powder | Jaiphal Powder | Fine Ground | Freshly Packaged Powder, 25g

SAARA Jathikai Powder | Nutmeg Powder | Jaiphal Powder | Fine Ground | Freshly Packaged Powder, 25g

from Rs. 74

2. डाइजेशन के लिए

ऐसे में ज्यादा तेल मसाला वाला खाना , असमय भोजन करने की आदत से पाचन से जुड़ी कई तरह की परेशानियां हो सकता हैं। इस स्थिति में जायफल का सेवन पेट की समस्याओं जैसे डायरिया , एसिडिटी आदि को सही करता है। इससे डाइजेशन के प्रक्रिया में भी काफ़ी सुधार होता है।

3. पेनकिलर के रूप में

जायफल का प्रयोग दर्द व ऐंठन की समस्या के लिए भी आप कर सकते है । जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द के लिए ये कमाल का तरीका है। जायफल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट , एंटी-इंफ्लेमेटरी और औषधीय गुण दर्द से राहत दिलाता हैं। केवल जायफल ही नहीं , बल्कि जायफल का तेल भी आप मांसपेशियों या जोड़ों के दर्द को ठीक करने के लिए प्रयोग कर सकते हैं।

4. गठिया के लिए

उम्र बढ़ने के साथ साथ हड्डियां में कमजोरी होने लगता हैं। बहुत से लोगो को गठिया की भी समस्या हो जाती है। ऐसे में शुरुआत से ही आपको अपने खान-पान और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना पड़ेगा ।  गठिया होने के कई दर्दभरे लक्षण होते हैं और उन्हीं में से एक सूजन भी होता है। यदि जायफल का सेवन या उसका तेल लगाया जाए , तो गठिया के सूजन व दर्द से राहत मिल सकता है। जायफल में एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण होते हैं , जो गठिया से राहत दिलाता है ।

5. कैंसर से बचाव के लिए

दुर्भाग्यवस से कैंसर आज के दौर में एक बेहद खतरनाक बीमारी बन चुका है। हम सभी ऐसे किसी ना किसी व्यक्ति को जानते ही है जिसे कैंसर से जंग लड़ना पड़ रहा है। बीते कुछ सालों में कई फिल्मस्टार्स भी कैंसर की चपेट में आये हैं। इससे बचाव के लिए जीवनशैली और खानपान को ठीक रखना पड़ेग। कई बार घरेलू उपाय भी कैंसर के जोखिम को काफी हद तक रोक देते है ।

जायफल उन्हीं घरेलू उपचारों में से एक है । जायफल में उपस्थिति एसेंशियल ऑयल एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है और कैंसर को रोक सकता है।  

6. डायबिटीज के लिए

डायबिटीज भी आज के समय में दुनिया में एक बेहद आम बीमारी बन चुका है । सिर्फ बुजुर्ग ही नही बल्की युवा और बच्चे भी इस बीमारी से लड़ रहे हैं। इस स्थिति में जरूरी ये है कि समय रहते इस पर ध्यान दिया जाए । इसके लिए आप जायफल का सेवन कर सकते हैं। जायफल को ट्राइटेरपीन्स (triterpenes) का समृद्ध स्रोत माना गया है।

7. स्वस्थ दांतों के लिए

बेहतर स्वास्थ्य के लिए दांतों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है । ज्यादा मीठा , सोडा या फिर कॉफ़ी के सेवन से दांत खराब होने लगता हैं और उनमें कैविटी भी होने लगता है। ऐसे में जरूरी है की आपको अपने दांतों का ध्यान रखना पड़ेगा । ऐसे में जायफल काफी फायदेमंद हो सकता है । जायफल एंटी-बैक्टीरियल के गुणों से भरपूर होता है और यह मुंह के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी हो सकता है ।

8. आंखों की रौशनी के लिए

चाहे बच्चे हों या बड़े , आंखों से संबंधित दिक्कते सभी को हो ही जाती हैं। ऐसे में सही समय पर ध्यान देना और अपनी आंखों का ख्याल रखना आवश्यक होता है। जायफल के सेवन से आंखों को लाभ हो सकता है। यह प्रोस्टाग्लैंडीन (prostaglandin) नामक हार्मोन के प्रोडक्शन को कंट्रोल कर, आंखों की समस्या को कम करता है ।

.

-Veer Mori

Image by Mareefe from Pixabay

अस्वीकरण: इस ब्लॉग का उद्देश्य चिकित्सकीय सलाह देना नहीं है। इस साइट पर सभी सामग्री केवल सामान्य सूचना के उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के विकल्प के रूप में इस पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। हमारे लेखों में व्यक्त की गई राय केवल व्यक्तिगत अनुभवों से हमारे अपने विचार हैं। आपने यहां जो पढ़ा है उसके आधार पर कोई भी कार्रवाई करने से पहले कृपया अपने प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से परामर्श लें और याद रखें कि स्व-निदान खतरनाक हो सकता है!

Disclaimer: This blog is not intended to provide medical advice. All content on this site is for general informational purposes only and should not be taken as medical advice or instructions for any particular situation. Readers should consult their physician before undertaking any health related decisions.

For more information on sehatsamachar, please see About us section of this website.

Do you have any suggestions for us? We would love to hear from you! Contact Us.

Leave a Reply